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नेहल मोदी के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस पब्लिक व्यू में वापस आया, जल्द गिरफ्तारी का रास्ता साफ

नेहल मोदी के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस पब्लिक व्यू में वापस आया, जल्द गिरफ्तारी का रास्ता साफ

नई दिल्ली । भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी के खिलाफ इंटरपोल की ओर से जारी रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) पब्लिक व्यू में वापस आ गया है, जिससे हजारों करोड़ के धोखाधड़ी मामले में उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई में तेजी आ सकती है।
पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े 13000 करोड़ रुपये के फर्जीवाडे में सह-अभियुक्त नेहल मोदी ने अपने खिलाफ इंटरपोल नोटिस को चुनौती दी थी, जिसके बाद पब्लिक व्यू से रेड नोटिस को हटा दिया गया था। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक नेहल की अपील को इंटरपोल ने खारिज कर दिया है और अब नोटिस अब वेबसाइट पर फिर पब्लिक व्यू के लिए उपलब्ध है। नेहल मोदी बेल्जियम का नागरिक है और माना जाता है कि उसकी रिहाइश वहीं है।
नेहल के खिलाफ रेड नोटिस सितंबर 2019 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से उपलब्ध कराए गए सबूतों के आधार पर जारी किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक नेहल ने अपने भाई नीरव मोदी के इशारे पर पीएनबी घोटाला मामले में कथित रूप से अहम सबूत नष्ट कर दिए। हालांकि, रेड नोटिस को चुनौती दी गई और इसे अक्टूबर 2019 में इंटरपोल ने पब्लिक व्यू से डिसेबल्ड (निष्क्रिय) कर दिया था।
नेहल मोदी से पहले नीरव मोदी के एक और भाई निशाल मोदी और बहन पूर्वा मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। पूरे मोदी परिवार, जिसकी कभी दुनिया भर में हीरा व्यापारी के रूप धाक थी, की तलाश की जा रही है, उन्हें इंटरपोल की ओर से गिरफ्तार किया जा सकता है। नीरव मोदी को मार्च 2019 में लंदन पुलिस ने उसके खिलाफ जारी किए गए रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया था। नीरव मोदी तब से जेल में है और उसके खिलाफ लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रत्यर्पण की कार्यवाही चल रही है।
भगोड़े नीरव मोदी के छोटे भाई नेहल मोदी ने कथित तौर पर अपने भाई के लिए 10 करोड़ डॉलर से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की। संघीय जांच एजेंसी के सूत्रों का दावा है कि नेहल मोदी हीरा कारोबार से जुड़े ट्विन फील्ड्स इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड और बेली बैंक एंड बिडल के मामलों को देख रहा था। ईडी के मुताबिक नेहल मोदी को फील्ड्स इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड और बेली बैंक एंड बिडल के जरिए मोदी की डमी कंपनियों से लगभग 5 करोड़ डॉलर मिले थे। ये पैसा पीएनबी से फर्जीवाड़े से हासिल हुआ था।
ईडी का आरोप है नीरव मोदी के लिए नेहल 'द इथाका ट्रस्ट' के संरक्षक और निवेश सलाहकार के तौर पर काम कर रहा था। उक्त ट्रस्ट को 3 करोड़ डॉलर का दागी फंड मिला। इसी संदिग्ध पैसे से अमेरिका में दो अचल संपत्तियां खरीदी गईं।”सूत्रों का कहना है कि मामला सार्वजनिक होने के बाद नेहल मोदी ने अपराध के पैसे को हैंडल किया और और हांगकांग से 60 लाख डॉलर और 150 बॉक्स हीरे ले गया। दुबई से 35 लाख दिरहाम नकद और 50 किलोग्राम सोना ( एक अन्य सह-षड्यंत्रकारी मिहिर भंसाली के साथ) ले जाने का भी आरोप है।
 

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