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(घरेलु उपचार) इन पौधों के पत्ते चबाएं, ब्लड  शुगर और बी पी बढ़ने की टेंशन होगी खत्म---

(घरेलु उपचार) इन पौधों के पत्ते चबाएं, ब्लड  शुगर और बी पी बढ़ने की टेंशन होगी खत्म---


ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर बढ़ना दोनों ही गंभीर स्थितियां हैं। अगर इन्हें कंट्रोल न किया जाए, तो  सेहत को कई गंभीर समस्याओं का खतरा हो सकता है। डायबिटीज और हाइपरटेंशन को कंट्रोल करने में कई आयुर्वेदिक पौधे काफी कारगर साबित हो सकते हैं।
सुबह उठते ही घर में लगे इन 3 पौधों के पत्ते चबाएं, पूरे दिन ब्लड  शुगर  और ब्लड प्रेशर    बढ़ने की टेंशन होगी खत्म
डायबिटीज  एक गंभीर और लाइलाज बीमारी है जिसे सिर्फ हेल्दी डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल के जरिए कंट्रोल किया सकता है। इस रोग में अग्नाशय ब्लड शुगर को कंट्रोल करने वाले इंसुलिन हार्मोन का उत्पादन धीमा या बंद कर देता है। ऐसे में मरीज का ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है जिससे कई गंभीर समस्याओं का खतरा होता है। यही वजह है कि ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना बहुत जरूरी है।
इसी तरह हाई ब्लड प्रेशर  भी काफी आम समस्या हो गई है। अगर इसे कंट्रोल न किया जाए, तो आपको दिल की समस्याओं का खतरा हो सकता है। ब्लड प्रेशर आउट ऑफ कंट्रोल होने से आपको धुंधला दिखना, थकान, सिरदर्द, नाक से खून आना, सांस लेने में कठिनाई आदि समस्याएं हो सकती हैं।
बेशक ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के लिए कई दवाएं और उपचार मौजूद हैं लेकिन आप कुछ प्राकृतिक उपायों के जरिए भी डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी गंभीर समस्याओं पर काबू पा सकते हैं। घर-घर में मिलने वाले कुछ पेड़-पौधों के पत्तों में ब्लड शुगर और बीपी कंट्रोल करने की क्षमता होती है।
करी पत्ता
करी पत्ता सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि इसमें कई स्वास्थ्य गुण भी होते हैं। मीठी नीम के नाम से फेमस इस पौधे के पत्ते पाचन को मजबूत बनाकर पेट से जुड़ी कई समस्याओं से राहत दिला सकते हैं। डायबिटीज और हाइपरटेंशन के मरीजों को इन पत्तों का जरूर सेवन करना चाहिए।
कैसे करें करी पत्ते का इस्तेमाल
करी पत्ते का नियमित सेवन इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को उत्तेजित करने में मदद कर सकता है। ये कोशिकाएं ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करती हैं। इसे आप बासी मुंह चबा सकते हैं या विभिन्न व्यंजनों में शामिल कर सकते हैं।
करी पत्ते के तेल में ज्यादातर ऑक्सीजन युक्त मोनोटेरपीन पाए गए। GC और GC-MS का उपयोग करते हुए 33 घटक लिनालूल (32.83%), एलमोल (7.44%), गेरानिल एसीटेट (6.18%), मायरसीन (6.12%), एलो-ओसिमीन (5.02), α-terpinene (4.9%) के साथ पाए गए। , और (ई) -β-ओसीमीन (3.68%) मुख्य यौगिकों के रूप में।
नीम के पत्ते
नीम के पत्तों के भी कई तरह के स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इस बात के प्रमाण हैं कि रोजाना नीम के पत्तों का सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है। यदि आपको डायबिटीज है या आप हाइपरटेंशन की मरीज हैं, तो नीम का पत्ता आपका साथी है।
कैसे करें नीम के पत्ते का इस्तेमाल
नीम के पत्तों के एंटीहिस्टामाइन इफेक्ट रक्त वाहिकाओं को पतला कर सकते हैं। यही कारण है कि ये पत्ते रक्तचाप को कम करने में मदद कर सकते हैं। एक महीने तक नीम का अर्क या कैप्सूल लेने से भी हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल कम हो सकता है।
इस पौधे के हवाई भागों ने टार्टरिक एसिड, एसिटिक एसिड, और स्यूसिनिक एसिड, गोंद, पेक्टिन, चीनी, टैनिन, अल्कलॉइड, फ्लेवोनोइड्स, सेस्क्यूटरपेन्स और ग्लाइकोसाइड्स की उपस्थिति का प्रदर्शन किया है। 
तुलसी के पत्ते
तुलसी को जड़ी-बूटियों की रानी कहा जाता है और यह शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाती है। कई अध्ययनों से पता चला है कि खाली पेट तुलसी के पत्तों का सेवन टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों में ब्लड शुगर लेवल को कम करता है। तुलसी के पत्ते लिपिड को कम करके, इस्किमिया, स्ट्रोक और हाई ब्लड प्रेशर को कम करके हृदय रोग को रोकने में सहायक हैं।
कैसे करें तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल
सुबह उठकर तुलसी के पत्ते चबाना बीपी और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने का बेहतर उपाय है। आप इन पत्तों को थोड़े पाने के मिक्सर में ब्लेंड करके भी पी सकते हैं। ध्यान रहे कि बहुत अधिक मात्रा में तुलसी का सेवन नहीं करना चाहिए
तुलसी के मुख्य रासायनिक घटक हैं: ओलीनोलिक एसिड, उर्सोलिक एसिड, रोस्मरिनिक एसिड, यूजेनॉल, कार्वाक्रोल, लिनालूल और β-कैरियोफिलीन, कई वर्षों से खाद्य उत्पादों, इत्र, और दंत और मौखिक उत्पादों में बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाते हैं और पौधे का अर्क जारी है।
तुलसी को दांतो से चबाकर नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा जो अपनी दवा पूर्व से ले रहे हो उनको भी लेते रहना चाहिए।
- विद्यावाचस्पति डॉक्टर अरविन्द प्रेमचंद जैन भोपाल

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