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 यूरो करेंसी वाले 19 देशों में जून में महंगाई रिकार्ड 8.6 प्रतिशत पहुंची - पाकिस्तान और श्रीलंका में आर्थिक संकट; अमेरिका और भारत भी बढ़ रही महंगाई

 यूरो करेंसी वाले 19 देशों में जून में महंगाई रिकार्ड 8.6 प्रतिशत पहुंची - पाकिस्तान और श्रीलंका में आर्थिक संकट; अमेरिका और भारत भी बढ़ रही महंगाई

नई दिल्ली । यूरो करेंसी का इस्तेमाल करने वाले 19 देशों में जून में महंगाई रिकार्ड 8.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इन देशों को यूरोजोन भी कहा जाता है। यूरोपियन यूनियन सांख्यिकीय एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण ऊर्जा लागत बढ़ने और खाद्य कीमतों में तेजी के कारण महंगाई दर में वृद्धि हुई है। इससे पहले मई में इन देशों में महंगाई दर रिकार्ड 8.1 प्रतिशत पर पहुंच गई थी। आंकड़ों के मुताबिक मई के मुकाबले जून में यूरोजोन में ऊर्जा की कीमतों में 41.9 प्रतिशत, खाद्य, अल्कोहल और तंबाकू की कीमतों में 8.9 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी रही है। कपड़ों, कार, कंप्यूटर और किताबों की कीमतों में मई के मुकाबले जून में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि रही। यूरोजोन में पिछले साल से महंगाई में मासिक आधार पर लगातार वृद्धि हो रही है। युद्ध के कारण इस क्षेत्र में निवास करने वाले 34.3 करोड़ लोगों का जीवनयापन खर्च बढ़ गया है। उपभोक्ता कीमतों पर काबू पाने के लिए यूरोपियन केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की योजना बना रहा है। महंगाई की तगड़ी मार झेल रहा अमेरिका वर्तमान समय में पूरी दुनिया महंगाई की मार झेल रही है। 
अमेरिका जैसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश भी उच्च महंगाई की चपेट में हैं। अमेरिका में महंगाई दर 40 साल के उच्च स्तर 8.6 प्रतिशत पर पहुंच गई है। भारत में भी महंगाई आसमान छू रही है। अप्रैल में देश की खुदरा मंहगाई दर 7.79 फीसद की दर पर पहुंच गई थी, जो पिछले 8 सालों का इसका सबसे उच्चतम स्तर था। हालांकि, यह अभी आरबीआइ के अनुमानित रेंज (2 से 6 फीसद) से ऊपर बनी हुई है।  पाकिस्तान में आर्थिक संकट के बीच महंगाई दर 13 साल के सबसे उच्च स्तर 21.32 प्रतिशत पर पहुंच गई है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने छह अरब डालर के बेलआउट पैकेज के लिए आइएमएफ की शर्तों को मानते हुए पेट्रोलियम पदार्थों के दाम भी एक बार फिर बढ़ा दिए हैं। वहीं, श्रीलंका की भी हालत बेहद खराब है। श्रीलंका और पाकिस्तान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
 

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