
फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर स्टीवन डेकोस्की का कहना है कि उनके पास सप्लीमेंट के अल्जाइमर डिमेंशिया की रोकथाम कि कोई भी प्रमाण नहीं मिले अमेरिका में बुजुर्ग पूरक खाद्य पदार्थों के रूप में विटामिन की तरह इनका उपयोग करते हैं लेकिन इससे इन्हें फायदा होने की स्थान पर नुकसान हो रहा है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले माह लगभग 7 सप्लीमेंट्स बेचने वाली 17 कंपनियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है। ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रोडक्ट को बीमारी का इलाज और रोकथाम करने वाला बताया गया है। जिसकी अनुमति ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से से नहीं ली गई है।
नेशनल साइंस इंजीनियरिंग मेडिसन एकेडमिक्स ने भी अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि बीमारियों को रोकने के लिए बुढ़ापे में एक्सरसाइज और मानसिक सजगता ब्लड प्रेशर और अन्य बीमारियों को नियंत्रित करने का बेहतर तरीका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सप्लीमेंट्स जैविक तौर पर कुछ समय के लिए सक्रिय रहते हैं किंतु इनका शरीर पर जहरीला असर पड़ता है जो अन्य कई बीमारियों को जन्म देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार बुढ़ापे में होने वाली बीमारियों में सप्लीमेंट्स लेने से बीमारियों से निजात कम और नई बीमारियां ज्यादा मिलती हैं।