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तृणमूल उम्मीदवार की पत्नी ने चुनाव आयोग पर किया हत्या का केस

तृणमूल उम्मीदवार की पत्नी ने चुनाव आयोग पर किया हत्या का केस

नई दिल्ली । कोरोना संक्रमण के चलते जान गंवाने वाले तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी काजल सिन्हा की पत्नी ने चुनाव आयोग के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। काजल सिन्हा की 25 अप्रैल को मौत हो गई थी, वह कोरोना संक्रमित हो गए थे। अब उनकी पत्नी नंदिता सिन्हा ने डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर सुदीप जैन और अन्य अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही और उपेक्षा करने का केस दर्ज कराया है, जिसके चलते काजल सिन्हा की मौत हुई है। नंदिता सिन्हा ने कहा है कि चुनाव आयोग के लापरवाही भरे रवैये के चलते ही काजल सिन्हा और अन्य प्रत्याशियों की मौत हुई है। पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में वोटिंग कराने को लेकर भी नंदिता ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने पुलिस में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में कहा है कि जब पूरा देश कोरोना संक्रमण की मार झेल रहा था, तब चुनाव आयोग ने 8 राउंड में वोटिंग कराने का फैसला लिया। यह वोटिंग 1 महीने से भी ज्यादा लंबी खिंची है। राज्य में 27 मार्च को शुरू हुए चुनाव के आखिरी राउंड की वोटिंग 29 अप्रैल को होनी है। नंदिता सिन्हा ने चुनाव आयोग पर जानबूझकर लंबे समय तक वोटिंग कराने का आरोप लगाया है। अपनी शिकायत में नंदिता ने लिखा है, 'बंगाल के मुकाबले तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में एक ही राउंड में वोटिंग हुई है। इसके अलावा असम में तीन चरणों में मतदान हुआ है। अपनी शिकायत में तृणमूल कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी ने कहा कि पार्टी की ओर से 16 और 20 अप्रैल को पत्र लिखकर मांग भी की गई थी कि आखिरी के तीन राउंड की वोटिंग एक ही बार में करा ली जाए। मद्रास हाई कोर्ट की ओर से सोमवार को चुनाव आयोग पर निशाना साधा गया था। कोर्ट ने कहा था कि चुनाव आयोग के चलते ही देश में दूसरे लहर का उभार हुआ है। अदालत ने कहा था कि आखिर इस तरह से केसों में इजाफे के लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों पर हत्या का केस क्यों नहीं चलना चाहिए। हालांकि इसके जवाब में चुनाव आयोग ने कहा था कि कोरोना प्रोटोकॉल का लागू किया जाना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। चुनाव आयोग ने कहा कि हमारा काम दबाव मुक्त और सुरक्षित चुनाव कराना है। अपनी शिकायत में नंदिता सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग के पास ही पश्चिम बंगाल के प्रशासन की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा राज्य में केंद्रीय बलों की तैनाती है। इस तरह से देखें तो कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कराना उसकी ही जिम्मेदारी था।
 

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