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घाटे के चलते अनिल अंबानी के रिलायंस समूह का मार्केट कैप घटा

 घाटे के चलते अनिल अंबानी के रिलायंस समूह का मार्केट कैप घटा

देश में अनिल अंबानी की अगुवाई वाले रिलायंस समूह के हालात ठीक होने के बजाय बिगड़ रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष-2019 की जनवरी-मार्च तिमाही में रिलायंस पावर को 3,559 करोड़ रुपये का घाटा होने की वजह से अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की कंपनियां सोमवार को मिड और स्मॉल कैप सेगमेंट में फिसड्डी साबित हुईं। इनमें आई गिरावट के कारण ग्रुप का मार्केट कैप 20,592 करोड़ रुपये के साथ अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। रिलायंस इंफ्रा, रिलायंस कैपिटल, रिलायंस पावर और रिलायंस होम के शेयर प्राइस में 7-14 फीसदी की गिरावट आई। रिलायंस निपॉन का शेयर 1.5 फीसदी फिसला। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट रिलायंस इंफ्रा में आई। कंपनी के शेयर 13.2 फीसदी टूटकर 64.2 रुपये पर बंद हुए। रिलायंस नेवल, रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रा के शेयर तो इंट्राडे में रेकॉर्ड लो लेवल तक पहुंच गए थे। ग्रुप का मार्केट कैप 31 दिसंबर 2018 के 38,912.06 करोड़ रुपये से 41 फीसदी नीचे आ चुका है। वहीं, जनवरी 2008 में अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों का मार्केट कैप 3.45 लाख करोड़ के पीक पर पहुंचा था।
मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि रिटेल इन्वेस्टर्स को इन शेयरों से दूर रहना चाहिए। इंडिपेंडेंट मार्केट विशेषज्ञ संदीप सभरवाल ने कहा, ‘इस ग्रुप की सिर्फ एक कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के लिए सिस्टेमैटिक रिस्क है और उसका मामला दिवालिया अदालत में पहुंच चुका है। ग्रुप की दूसरी कंपनियों से मार्केट के लिए सिस्टेमैटिक रिस्क नहीं है। इन कंपनियों से कोई बड़ा संस्थागत निवेशक नहीं जुड़ा है और सिर्फ छोटे निवेशक इनमें ट्रेडिंग कर रहे हैं और उन्हें नुकसान हो रहा है।’ अनिल अंबानी ग्रुप के सभी स्टॉक्स में पिछली कुछ तिमाहियों में छोटे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। सितंबर 2018 तिमाही में रिटेल इन्वेस्टर्स के पास रिलायंस कम्युनिकेशंस के 21.4 फीसदी शेयर थे, जो मार्च 2019 तिमाही तक 37.15 फीसदी तक पहुंच गए थे। रिलायंस पावर में भी इस दौरान उनकी हिस्सेदारी 12.6 फीसदी से बढ़कर 20.94 फीसदी हो गई थी। स्वतंत्र बाजार विशेषज्ञ अंबरीश बलिगा ने बताया, ‘ऐसे शेयरों में वॉल्यूम अधिक रहता है क्योंकि ट्रेडर्स इनसे फटाफट मुनाफा कमाने की फिराक में रहते हैं। लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स को ऐसे शेयरों से दूर रहना चाहिए।’ 

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